ब्रिज की दुनियां 😢😢 जाते बेजा जुलम कहा होगौ, माय बाबू कौ गम कहा होगौ, कित्ते डांकी ऐं पूरी दुनियां में, एक मरिबे ते कम कहा होगौ, धीय जन्मत ही जी डरप जावै अब करेजा में दम कहा होग...
फितरत कौ सामान समेटौ,अपने घर कूँ जाऔ जी, या फिर दुनियां की फितरत में अपनों राग मिलाऔ जी, भई वितृष्णा प्यार प्रीत ते,अपनी-अपनी दुनियां ऐ, भयौ हृदय पाषाण शिला सम ,कितनौऊ लाड़ लढ़ाऔ...