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Showing posts from December, 2021

लाज राखियो दुनियां में

बंसी बारे लाज राखियो दुनियां में, हारूँ नईं मैं बात राखियो दुनियां में, कौन काऊकौ संग देतु ऐ, मुस्किल में, सिर पै अपनों हाथ राखियो दुनियां में, लौट फेर कें, तेरौ ई नाम मुनव्वर बस, जे जलवा दिन रात राखियो दुनियां में, उर्मिला माधव

सूरज कैसौ कारौ

सूरज कैसौ कारौ-कारौ लग रौ ऐ, जाई कारन जग अँधियारौ लग रौ ऐ। थर थर थर थर कांप रहे ऐं घर भीतर, दुनियां कौ हर मांस बिचारौ लग रौ ऐ। एक पड़ोसी हम ते बोलौ, पागल हौ? हमकूँ तौ सब जग उजियारौ लग रौ ऐ। भीतर-भीतर खूब चबउआ  है रए ऐं, बाहिर बाहिर ख़ूब सम्हारौ लग रौ ऐ। नीमन बेजा अबई समझ नईं आवैगी, अबई तमाचौ बड़ौ करारौ लग रौ ऐ। उर्मिला माधव