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Showing posts from October, 2023

आप बस

ब्रज की दुनियां आपनें अपनों सम्हारौ आप बस, और सबकूं दै दियौ संताप बस, आपा पूती कर दई बौहार में, जाना मानी में कियौ है पाप बस, जी हमारौ खूब दूखौ है प्रभू हमई ए जो ना दियौ है साप बस, हमपै जब बर्दाश्त हरगिज ना भई तब हमारे जी कूँ चढ़गौ ताप बस, हम गुहारें राम कूँ वो कब सुनै, मन ई मन में कर रहे हैं जाप बस, उर्मिला माधव