बिचारौ मन January 26, 2024 जीवन भर कूँ रूठ गयौ है मेरौ भोरौ-भारौ मन, दुनिया कौ जब देख लियौ है बिल्कुल कारौ-कारौ मन, कभू-कभू जे जी में आवै नाम उजग्गर कर देते, लेकिन लड़नों जानें ना है करतौ कहा बिचारौ मन, Read more