सांस जबई रुक जावै October 10, 2018 थोरे दिन कौ जीवन है तौ मन कूँ चों भरमावै, रह जागी यईं धरम संकला,सांस जबई रुक जावै, माई बाप और पुत्र पौत्र कूँ,कितनौउ लाड़ लड़ावै आँख मुंदी सोई भये बटाऊ,फिर कोउ लौट न पावै नित-नित र... Read more