हल्लू-हल्लू May 22, 2019 चलौ समैटो, झल्लू-पल्लू, तीस मार खां हैगौ लल्लू, अबई छुटपुटॉ थोरौ बाक़ी, है जावैगौ हल्लू-हल्लू, अपने मोंह ते गावत डोलें सबई कहें फिर कल्लू-कल्लू, बैय्यर ठी-ठी कर कें हंस रईं, मोंह ... Read more
भिकारी May 10, 2019 न घर ई हमारौ न दुनियां हमारी, पतौ जे चलौ कै हमईं ए भिकारी, इमारत तौ अब लौं धरी जों की तों ऐं, कै सांसई अचानक चली गई बिचारी, हबाके भरे जिन्ने दुनियां में ऊंचे, बेऊ मर कैं कित्ते भये... Read more
दोहा May 04, 2019 देखौ तुमनै रोप दई एक भितरिया रार, आगें आगें तुम चले,अब लेओ मेरौ वार... उर्मिला माधव... 5.5.२०१४... Read more
दुनियां हमारी May 03, 2019 न तौ घर ई हमारौ न दुनियां हमारी, पतौ जे चलौ कै हमईं ए भिकारी, इमारत तौ अब लौं धरी जों की तों ऐं, कै सांसई अचानक चली गई बिचारी, हबाके भरे जिन्ने दुनियां में ऊंचे, बेऊ मर कैं कित्ते ... Read more