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Showing posts from January, 2020

तेरी बदौलत है

एक मतला तीन शेर... सब दुनियां ते न्यारी तेरी चौखट है, बंसी बारे,दुनियां तेरी बदौलत है, मोर पंख ते सजौ भयौ दरबार बहौत, दरबज्जे पै खूब बज रही नौबत है, ढोल नगाड़े खूब बजत हैं आँगन में, मर्द कृष्ण हैं,राधा एक-एक औरत है, जब ते पैदा भये ,तब ई ते संग लगी, विरह वेदना बृज बासिन की दौलत है... #उर्मिलामाधव.. 14.1.2016

रखवारौ

जा दिन ते सखि श्याम गए, नहीं कोऊ रह्यौ ब्रज कौ रखवारौ, कानन, बीथिन, बागन की नहीं कोऊ रह्यौ रज कौ रखवारौ, भारत देश तमासौ भयौ अनुराग नहीं, बस रार बची, सब लोग लड़ें अब कुर्सिन कूँ, नहीं कोऊ रह्यौ ध्वज कौ रखवारौ.. उर्मिला माधव,

सुननी परैगी

Navin C. Chaturvedi भैया आपकी बात कौ जवाब लेओ.. सुरू तौ करौ,सब कूँ सुननी परैगी, कै इक दिन जिही गैल चुननी परैगी, अबई होस में नानै जे दुनियां बारे, खियालन की दुनियां ऊ बुननी,परैगी, सकारें की संजा तौ हौनी है निस्चित, तौ फिर खोपड़ी अपनी धुननी परैगी, अबई का भई ऐ,अबई और होगी, तौ मनुआ में सिग बात घुननी परैगी, महलिया अटारी,.....डरे यंईं रहेंगे, जे झूठी ऐ दुनियां,बिसुननी परैगी, उर्मिला माधव..