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Showing posts from February, 2023

कारगुजारी है

सब की सब दुनियां की कारगुजारी है हमनें जेई दुनियां रोज बिड़ारी है, रोज उठै उत्पात बिना ही मतलब कौ, अपने घर की रोजई बात बिगारी है, कैसें अपने घर कौ द्वार बचाऔगे सबनें मिलकें घर की भीत उखारी है, अबकें ही दुनियां कौ ढर्रा समझौ है, सोच समझि कें घर की आब उतारी है, जाकूँ देखौ, झोली लै कें डोल रह्यौ, जाकी देखौ ताकी मत, मतवारी है, दूर ते देखें खूब तमासौ दुनियां कौ खूब समझ कें इक तरकीब निकारी है.. उर्मिला माधव