ब्रज भाषा रीलन वारे जानें का का कर रए हैं, छोटे छोटे बालक जामें पर रए हैं, छोटे मोंह पर बातें कितनी बड़ी-बड़ी, मैया बाप न जानें कितकूँ मर रए हैं जानें कैसी ब्याधा आय कें ठड़ी भई, मोबाईल कूँ लैकें लोग बिखर रए हैं, बच्चन कौ रखवारौ आखिर को होगौ? समझदार अब सोच सोच कें डर रए हैं, उर्मिला माधव