अति में और ईश्वर में बैर सुनिश्चित है, काई पै फ़िसलेगौ पैर सुनिश्चित है, गर्व कियौ रावण नें, लंका मैट दई, करनी तौ भुगतैगौ खैर सुनिश्चित है, धरी पाप की मूड़ गठरिया,होस में आ नरक कु...
अकेले आए दुनियां में, हमारौ संग को देतौ, हमारी भींजी चूँनर कूं, हवा कौ रंग को देतौ, हमारी आत्मा में राग अब तक डूबते डोलें, तौ टूटी रागिनी कूं यों बताऔ चंग को देतौ, विधाता नें बना...