जाकूँ देखौ जी रह्यौ ऐ, हार जीत के तईं,
बात-बात पै सवार, मार पीट के तईं,
मांसन ते मांस देखौ,लडिबे कूँ आमादा,
कोसन तक राजी नायं, बात-चीत के तईं,
नैकसी सी ज़िन्दगी ऐ, यईं डरौ रहैगौ सब,
मार काट पै तुले ऐं........द्वार भीत के तईं,
अपने बुजुर्गन की इज़्ज़त कौ ध्यान नाँय,
झुकनौ तौ लाज़िमी ऐ, मान रीत के तईं,
कितनौ गुमान भयौ,...मौरूसी संपदा पै,
मन में न ठौर बाक़ी,....प्यार प्रीत के तईं,
उर्मिला माधव..
22.9.2016
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