मुश्किल ते March 27, 2019 ब्रिज ग़ज़ल जिंदगी कट रही है मुस्किल ते, भागि जामेंगे, तेरी महफिल ते, सांस लैनौ भी एक जुआ सौ है, कैसें जीतेंगे काऊ आदिल ते, कितनी तक़लीफ़ है करेजा में, पूछ कें देखियों तौ बिस्मिल ते, ... Read more
आवत है March 22, 2019 बृजभाषा में एक पेशकश.... मइया मोकूँ रोज-रोज समझावत है, लौट फेर केँ बाई की सुधि आवत है, सबते छुपकें चढ़ केँ गई अटरिया पै, सइ संजा ते मन मेरौ घबरावत है, सब दुनियां के पीयु घरई में हैं आ... Read more
चाव री March 08, 2019 दामिनी दमकि केँ चमक मारै बावरी, भीतर ह्रदय के ....कुरेदै सब घाव री, अँखियाँ बहावें नीर,मनुआँ धरे न धीर, नित्य प्रति थोड़ो सो घटे बस चाव री... उर्मिला माधव, 9.3.2017 Read more
भगवान March 03, 2019 रंग रूप तौ यों है कै भगवान बनावें ऎं रुपन बारे बेमतलब की शान दिखावें ऐं Read more