सब राम ने बनाए अनुपात में,बराबर,
औक़ात में बराबर,और जात में बराबर,
औक़ात में बराबर,और जात में बराबर,
हर लंग है अँधेरौ,बिल्कुल ही एक जैसौ,
और रौशनी कौ जलवा परभात में बराबर
और रौशनी कौ जलवा परभात में बराबर
जो बैर कर रए हैं,अपनों चलन है बिनकौ,
हर बात कर रए हैं,यों ही बात में बराबर,
हर बात कर रए हैं,यों ही बात में बराबर,
बौहार अपनों रखियों, आटे में नौन जैसौ,
ज्यो दार कूँ रखें हैं, हम भात में बराबर,
ज्यो दार कूँ रखें हैं, हम भात में बराबर,
यों मांस तौ न अपनी आदत ते,बाज आवै,
करतार कर सकै है, एक रात में बराबर,
उर्मिला माधव,
5.7.2017
करतार कर सकै है, एक रात में बराबर,
उर्मिला माधव,
5.7.2017
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