बय्यर की आज़ादी, कोरी,आंधी है,
पुरुष वर्ग कूँ बहुत बड़ी आज़ादी है,
पुरुष वर्ग कूँ बहुत बड़ी आज़ादी है,
भई लड़ाई घर में,तब-तब बय्यर ने,
पूरे घर की डोर ....प्यार ते बाँधी है,
पूरे घर की डोर ....प्यार ते बाँधी है,
मधुरी बानी, बड़ी सयानी दुनियां में,
जाकौ सबते बड़ौ उधारण गांधी है,
जाकौ सबते बड़ौ उधारण गांधी है,
धैर्य धर्म कौ परचम ऊंचौ नारी कौ,
बागडोर भी देश की जा ने साधी है,
बागडोर भी देश की जा ने साधी है,
ब्याह भयौ तौ, जियत ज़रा केँ मार दई,
सब दुनियां ही औरत की अपराधी है,
सब दुनियां ही औरत की अपराधी है,
नारी कौ अपमान करें सब घर बाहर,
मर्यादा की रेख ...कबऊं नईं फांदी है..
मर्यादा की रेख ...कबऊं नईं फांदी है..
सीता और अनुसुईया जैसी नारिन कौ,
देखौ पूरौ जीवन, ...निपट, जिहादी है,
उर्मिला माधव,
3.3.2017
देखौ पूरौ जीवन, ...निपट, जिहादी है,
उर्मिला माधव,
3.3.2017
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