कहें हम कौन तरियां ते समझ में कैसें आवैगी,
कमी-बेसी कछू भी हो,तौ जे दुनियां सिखावैगी?
कमी-बेसी कछू भी हो,तौ जे दुनियां सिखावैगी?
न हमने काऊ पै अंगुरी उठाई है अबई तक तौ
बिना संबाई के दुनियां,कहा अंगुरी उठावैगी ?
बिना संबाई के दुनियां,कहा अंगुरी उठावैगी ?
हमारौ जी तौ दुनियां ते,हमेसा ही अलग सौ हो,
तौ फिर जे कौन सी दम पै हमें रस्ता बतावैगी ?
तौ फिर जे कौन सी दम पै हमें रस्ता बतावैगी ?
तुम्हें जब गैल चलनी हो तौ अपने रंग में चलियों,
अगर दुनियां की मानौगे तौ जे दुनियां नाचावैगी ,
अगर दुनियां की मानौगे तौ जे दुनियां नाचावैगी ,
है जब तक सांस तब तक कौ ही खेला ऐ सुनौ भैया,
कहूँ जो सांस रुक गई तौ न आवैगी न जावैगी....
उर्मिला माधव...
3.6.2016..
कहूँ जो सांस रुक गई तौ न आवैगी न जावैगी....
उर्मिला माधव...
3.6.2016..
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