Skip to main content

राजनीति

राजनीति कौ किस्सा भैया गजलन में मत लईयों बस,
जितनौ हमकूं हजम है सकै उतनौई पाठ पढईयों बस,
रोटी पानी भूल गए सब,गईयन की है फिकिर लगी,
डरप रहे हैं सब घर बारे,नौहरे तक मत अईयों बस,
जाति वाद के ढोंगन में तौ,मेरौ नांय समर्थन जी,
धरम-करम के नाम,जिनावर,बलि मत कहूँ चढ़ईयों बस,
खेती करौ मजूरी कल्लेओ,या फिर करौ नौकरी कऊं,
खून पसीना की ही खईयों,चोरी की मत खईयों बस,
निरी तरह के आकर्षण हैं,दुनियां में जंजाल बौहौत,
अपनौ आप सम्हारै रखियों,कहूँ भटक मत जईयों बस,
दुनियां की का होड़ करौगे,दुनियां तौ फिर दुनियां है,
शिष्टाचार निभईयों अपनौ ,औरन पै मत जईयों बस...
#उर्मिलामाधव...
2.12.2015

Comments

Popular posts from this blog

मुस्कील ते

ब्रिज ग़ज़ल जिंदगी कट रही है मुस्किल ते, भागि जामेंगे, तेरी महफिल ते, सांस लैनौ भी एक जुआ सौ है, कैसें जीतेंगे काऊ आदिल ते, कितनी तक़लीफ़ है करेजा में, पूछ कें देखियों तौ बिस्मिल ते, नाव काग़ज़ की देह आफ़त सी, कितनी गहराई पूछें साहिल ते, हम कूं दूरी बताऔ मंजिल की, दूनी हिम्मत करिंगे हम दिल ते, उर्मिला माधव 28.3.2018

बबा जू

हकीकत बबा जू,समझनी परैगी, मजा की सजा तौ,भुगतनी परैगी, न बैय्यर की इज्जत है मिसरी कौ ढेला, जि गोली कुनैनी,गटकनी परैगी, घड़ी तुमनें बांधी है,सोने की मन भर, तौ लोहेउ की तुमकूँ पहरनी ...

कैसें आंकौ जायगौ

प्रेम कौ अनुपात आखिर कैसैं आंकौ जायगौ, यों बताऔ, मन के भीतर कैसैं झाँकौ जायगौ, पीर कौ अनुमान अब तक कौन कर पायौ कहौ, एक ही लठिया ते कैसे प्रेम हाँकौ जायगौ, आँख के आँसुंन ऐ तौ तुम हाथ ते ढकि लेओगे, घाव की दुनियां कौ हिस्सा कैसैं ढाँकौ जायगौ, जिंदगी भर राख चूल्हे की लगी रई हाथ में जे बताऔ और कब तक रेत फांकौ जायगौ, झालरी,झूमर सजा केँ, देह सुन्दर कर लई, कौन खन जे भाग मोतिन संग टांकौ जायगौ ? उर्मिला माधव.... 4.4.2016