एक मतला दो शेर -----
जीत कें हारी है हमनें,ज़िन्दगी,धल्लेओ तुम,
जे बड़ो अहसान,काऊ और पै,कल्लेओ तुम,
जे बड़ो अहसान,काऊ और पै,कल्लेओ तुम,
वार दीन्हीं अपनी सबरी ज़िन्दगी गैरन पै बस,
अपनी-अपनी राजी है,जी चाहे सो कल्लेओ तुम,
अपनी-अपनी राजी है,जी चाहे सो कल्लेओ तुम,
सांस जब तक चल्लई है,हम न बदलिंगे,कभू ,
जो तुम्हें अच्छौ लगे तौ अपनौ घर भल्लेओ तुम,
#उर्मिलामाधव...
26.11.2015
जो तुम्हें अच्छौ लगे तौ अपनौ घर भल्लेओ तुम,
#उर्मिलामाधव...
26.11.2015
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