महिला दिवस
इन बातन में कछु नाय धरौ,इक दिन कूँ नारि करी ऊंची,
बाहिर में नारे ख़ूब लगे,पर भीतर लाय धरी,दूंची,
दिन रात तौ घर के काम करै, पर ता की गिनती कौन करै,
हां इतनी किरपा जरूर करी,कुल काम पै, फेर दई कूँची...
उर्मिला माधव..
8.3.2016
महिला दिवस
इन बातन में कछु नाय धरौ,इक दिन कूँ नारि करी ऊंची,
बाहिर में नारे ख़ूब लगे,पर भीतर लाय धरी,दूंची,
दिन रात तौ घर के काम करै, पर ता की गिनती कौन करै,
हां इतनी किरपा जरूर करी,कुल काम पै, फेर दई कूँची...
उर्मिला माधव..
8.3.2016
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