कौनसी बातन पै इतरायौ भयौ ऐ,
बाबरौ इनसान भरमायौ भयौ ऐ,
हांऊं-फाऊं कर रह्यौ ऐ चार लंग कूँ,
झूठ की दुनियां पै बौरायौ भयौ ऐ
होस में आजा,मरै मत लोभ ते रे,
जोरिवे कौ भूत चों छायौ भयौ है,
एक खन में सांस जे रुक जाएगी बस,
सत्य कौ परमान बिसरायौ भयौ ऐ,
याद कर संतन की बानी, भूलगौ का ?
सूर कौ, कबिरा कौ सब गायौ भयौ ऐ..
जाँ पै राजी आवै ताँ पै देख लै जा,
गुनि जनन हैं ज्ञान दरसायौ भयौ ऐ,
उर्मिला माधव..
20.7.2016
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