अब तुमऊँ गुजरिया बनि आए,
सब खेल तुमारे औंधे ऐं,
सब ऐबन के अधिकारी तुम,
सब स्वांग तुमारे औंधे ऐं,
खोरिस सरकारी मिली तुम्हें?
तौ जेई सवारी मिली तुम्हें?
तुम भूतनाथ बनिकें आये,
और प्रान सबन के उड़वाए,
अब कहा कहें तुम भोले औ,
सब ढंग तुमारे औंधे ऎं, tu
जब ख़ूब सिहाए बृजवासी,
सब एक कियौ मथुरा कासी,
ब्रिजनारी बनिकें नाचि लए,
औरु बंसी बारे जानि गए,
जब तान बजाई बंसी की,
सब दांव तुमारे औंधे ऎं,
सिगु बिन्दाबन बलिहारी है,
अब भोला ऊ ब्रिजनारी है,
जीउ हारि गयौ तू मोहन पे,
जे मुरली सब पै भारी है,
पर हम बंटवारे नांय करें,
हम सब बृज वारे औंधे ऎं
उर्मिला माधव
1.3.2018
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