पीहर कौ सावन ...
सावन में सुध आई बहुत जब पीहर की,
व्यथा कहीं ना जाय तनक मन भीतर की,
ठाड़ी चूडिन के ठेलन पे बैय्यर दीख रहीं,
पहरि हाथ में चूड़ी खालिस पीतर की,
कमर कौंधनी ऑ पाँइन मे पायल भी,
सब कूं टेर दिखामें,कानन की तरकी,
उर्मिला माधव,
25.7.2018
पीहर कौ सावन ...
सावन में सुध आई बहुत जब पीहर की,
व्यथा कहीं ना जाय तनक मन भीतर की,
ठाड़ी चूडिन के ठेलन पे बैय्यर दीख रहीं,
पहरि हाथ में चूड़ी खालिस पीतर की,
कमर कौंधनी ऑ पाँइन मे पायल भी,
सब कूं टेर दिखामें,कानन की तरकी,
उर्मिला माधव,
25.7.2018
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