मित्रता दिवस कूँ समर्पित---
संग-संग जो डोल रहे ऐं भीर परी तौ, कोऊ न होगौ,
हम ऐसे अनमोल रहे ऐं, हमन सरीखौ,कोऊ न होगौ
जब-जब बिपत परी मित्रन पै, ठाड़े रहे बराबर ते हम,
हमें भौत जो तोल रहे ऐं, हमसौ दीखौ,कोऊ न होगौ
जिन नै बैर करे ऐं हंमसूं,बिनकीउ हमने बुरी न मानी,
बिनतेउ मीठौ बोल रहे ऐं,इतनों सीधौ कोऊ न होगौ,
हमनेंऊ आस करी दुनियां में संग हमारे कोऊ तौ आवै,
दुःखी करेजा खोल रहे ऐं,परम पिरीतौ कोऊ न होगौ,
उर्मिला माधव,
6.8.2017
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