राजनीति कौ किस्सा भैया गजलन में मत लईयों बस,
जितनौ हमकूं हजम है सकै उतनौ ही बतलईयों बस,
रोटी पानी भूल गए सब,गईयन की है फिकिर लगी,
डरप रहे हैं सब घर बारे,नौहरे तक मत अईयों बस,
जाति वाद के ढोंगन में तौ,मेरौ नांय समर्थन जी,
धरम-करम के नाम,जिनावर,कोऊ बलि मत चढ़ईयों बस,
खेती करौ मजूरी कल्लेओ,या फिर करौ नौकरी कऊं,
खून पसीना की ही खईयों,चोरी की मत खईयों बस,
निरी तरह के आकर्षण हैं,दुनियां में जंजाल बौहौत,
अपनौ आप सम्हारै रखियों,कहूँ भटक मत जईयों बस,
दुनियां की का होड़ करौगे,दुनियां तौ फिर दुनियां है,
शिष्टाचार निभईयों अपनौ ,औरन पै मत जईयों बस...
#उर्मिलामाधव...
2.12.2015
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