हमकूँ नैकऊ चाह बची ना,
तुम जे सोचौ, राह बची ना
गम होतौ तौ, मर रए होते,
बस हमकूँ परवाह बची ना,
जैसी चाही तैसी कहि लई,
काऊ बात की आह बची ना,
हमें फिकिर कब लगी है जाकी,
लोगन पै कोउ वाह बची ना,
सबकी दुनिया देखी हमनें,
राम राम अल्लाह बची ना,
काउ नें कहि दई, बात राख दई,
पर भीतर कोउ चाह बची ना..
#उर्मिलामाधव
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