ब्रज की दुनियां
अब बिहारी तोई तक आनों परैगौ,
बाबरेन की नाईं चिल्लानों परैगौ,
भीतरई भीतर हमें चों लग रही है,
तो ते लड़िकें खूब रुरिहानों परैगौ,
सब जरे जा रए हैं, तोकूँ दीख ना रौ,
अब भला तोकूं भी समझानों परैगौ?
आंख केऊ डॉक्टर होमें हैं छलिया,
तोकूँ चस्मा टैस्ट करवानों परैगौ,
हमसौ ऊ कोउ ढीट तोकूँ नांय मिलनों,
अब कें तोकूँ हमते बतरानों परैगौ
उर्मिला माधव
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