ब्रज माधुरी
योगिनी की जिंदगी में झांक कै तुम का करौगे,
और अंधेरे में सितारे टांक कै तुम का करौगे?
एक पल की ना खबर पर सांस के संग चल दए हैं,
जाऊ पै लठिया ते आखिर हांक कै तुम का करौगे?
घाम, आंधी और अँधेरौ जे अनहोंतो खेल है पर,
हमनें जितनी धूर फांकी, फांक कै तुम का करौगे?
जानें का का खेल देखे हमनें अपनी जिंदगी में,
अब हमारी हैसियत कूँ आंक कै तुम का करौगे?
उर्मिला माधव
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