ब्रज की दुनिया
माय मोकूं धीर ना आवै, बता चों
वा ऐ मेरी पीर ना आवै, बता चों
दोनों हाथन ते बुलाऊँ रात दिन मैं,
नैक जे तक़दीर ना आवै, बता चों,
गल्लीयन सपने तौ दै दए राम जी,
प्यार की जागीर ना आवै, बता चों,
सब जतन कूँ फेल करकें धर दियौ ऐ,
प्यार की ताबीर ना आवै बता चों,
जब कभू भारी हुड़क उठ जाय जी में,
तब मिरौ दिलगीर ना आवै, बता चों,
उर्मिला माधव
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