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Showing posts from September, 2019

बातचीत के तईं

जाकूँ देखौ जी रह्यौ ऐ, हार जीत के तईं, बात-बात पै सवार, मार पीट के तईं, मांसन ते मांस देखौ,लडिबे कूँ आमादा, कोसन तक राजी नायं, बात-चीत के तईं, नैकसी सी ज़िन्दगी ऐ, यईं डरौ रहैगौ सब, मार काट पै तुले ऐं........द्वार भीत के तईं, अपने बुजुर्गन की इज़्ज़त कौ ध्यान नाँय, झुकनौ तौ लाज़िमी ऐ, मान रीत के तईं, कितनौ गुमान भयौ,...मौरूसी संपदा पै, मन में न ठौर बाक़ी,....प्यार प्रीत के तईं, उर्मिला माधव.. 22.9.2017

जावत हैं

तरह--- दिन मुसीबत के हर इक हाल में कट जाते हैं... ------------------------------------------------. दिन मुसीबत के हरेक हाल में कट जावत हैं, जि और बात है कद मांस के घट जावत हैं , बुरे बखत में अगर धैर्य संग संग रहै, पहाड़ गम के यों ...

बिन्दावन में

मन मयूर के पंख टूटि कें, बिखर गए बिन्दावन में, इतै-बितै हम मारे फिर रए बिना बात अब कानन में, धर्म भृष्ट सब साधु कहामें, प्रतिक्षण भ्रष्टाचार बढ़ें, परमारथ की चों सोचें जब स्वार्...

बात कत्त रहे

तरह.... तमाम रात सितारों से बात करते रहे तमाम रात सितारेन ते बात कत्त रहे, डरप-डरप कें,करेजा पे हाथ धत्त रहे, छोड़िबे वारौ हमें छोड़ि कें चलौऊ गयौ, हमईं गमार रहे,याद करिकें मत्त रहे,...

सुनिश्चित है

अति में ऑ ईश्वर में बैर सुनिश्चित है, काई पै फ़िसलंगे पैर सुनिश्चित है, गर्व कियौ रावण नें, लंका मैट दई, करनी तौ भुगतैगौ खैर सुनिश्चित है, धरी पाप की मूड़ गठरिया,होस में आ नरक कुंड की वरना ,सैर सुनिश्चित है, उर्मिला माधव, 12.9.2018

चल रए ऐं

ब्रज की दुनियां हम इकले-इकले चल रए ऐं, ऑ सब प्रानिन कूं खल रए ऐं, अब चाल हमारी कैसीऊ हो, पर घर ते रोज निकल रए ऐं, हम अपनौ मान उतारें चों, जब लोगऊ ख़ूब बदल रए हैं, अब जबर कौ पल्लू भारी ऐ, ...